योगी आदित्यनाथ का ताजिया और कावड़ियों पर बड़ा बयान
योगी राज में यादव-मुस्लिम निशाने पर PDA पर सरकार की सीधी मार
योगी आदित्यनाथ का ताजिया और कावड़ियों पर बड़ा बयान
योगी आदित्य नाथ जी ने कहा – हमने कहा की कृपया प्रदर्शन नहीं करेंगे, नहीं तो मुहर्रम का हर जुलूस उत्पाद का आज शनि का तोड़फोड़ का कारण बनता था बहन, बेटियां सड़कों पे नहीं निकल पाती थी
दूसरी तरफ आपने इस बात को देखा होगा कांवड़ यात्रा चल रही है नीची वर्ग से लेकर के उच्च वर्ग तक हर व्यक्ति अभियान के साथ जुड़ा एकता का अब वो संगम कोई नहीं, दबाव नहीं, ना जाति का भेद है, ना क्षेत्र का भेद है, ना वर्ग का भेद है न नाम का भेद है ना संप्रदाय का भेद हैं हर हर बम बम बोल ते हुए जाते है भी जाते हैं
300 400 किलोमीटर पैदल जाते हैं फिर वहाँ से जल लेकर के कांवड़ को कंधे में रख करके फिर उसी प्रकार से उसी भक्तिभाव के साथ चलते
लेकिन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक भाषण देते हुए यह बात बोली है कि मुहर्रम के जुलूस में तो हिंसा, उत्पाद, तोड़फोड़ कुछ होता था, हमने सब कंट्रोल कर लिया वहीं कांवड़ यात्रा पर उन्हें याद नहीं आया कि इस तरह की कोई हिंसा कांवड़ यात्रा के नाम पर हो रही है या नहीं हो रही है
कांवड़ यात्रा की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बनारस में बोल रहे हैं कि उनसे कितनी अच्छी कांवड़ यात्रा चल रही है इससे सीखना चाहिए लोगो को छोटी बड़ी, हर तरह के लोग, उच्च वर्ग से लेकर के गरीब तबके तक सब कितना अच्छे भाव से 200 300 किलोमीटर तक जल चढ़ाने के लिए जा रहे हैं रहे
एक मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के हैं और उन्हें इन दो तरह के तबकों को अपने भाषण में एक साथ रखना पड़ा है मैं चाहता हूँ कि आज सिलसिलेवार तौर पर देखिए की एक देश के सबसे बड़े सूबे के मुख्यमंत्री की चिंता इस बात की नहीं है कि कांवड़ यात्रा में उत्पाद हो रहा है, हिंसा हो रही है परम में हो रही है उन्हें मुहर्रम की हिंसा दिखी, कांवड़ यात्रा की हिंसा नहीं दिखी उस पर उन्होंने एक शब्द नहीं बोला
लेकिन उनकी चिंता इस बात की नहीं है कि उत्तर प्रदेश में पिछले 8 साल में उत्तर प्रदेश के बीजेपी सरकार ने कितने लाख नौजवानों को रोजगार दिया उत्तर प्रदेश की बेरोजगारी दर कितनी है उत्तर प्रदेश में 2018 के बाद से आज तक शिक्षक भर्ती क्यों नहीं आई 2,00,000 से ज्यादा प्राइमरी स्कूल, मिडल स्कूल और जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं
तमाम तृतीय श्रेणी और चतुर श्रेणी के पद खाली पड़े हैं हजारों पद आयुष विभाग यानी चिकित्सा विभाग में खाली पड़े हैं हजारों पद पुलिस विभाग में खाली पड़े हैं, बाकी सरकारी कर्मचारियों का पद भरा ही नहीं जा रहा है बच्चे आंदोलन कर रहे हैं तो उनके ऊपर मुकदमा किया जा रहा है
मैं चाहता हूँ कि उत्तर प्रदेश के इस बातचीत को बहुत गौर से देखें एक तरफ बेरोजगार युवाओं की भीड़ जिसपर मुख्यमंत्री जी कुछ नहीं बोलती वो इस बात के लिए पिछले चुनाव में अपने सरकार की कामयाबी जरूर गिना रहे हैं कि छह से 7,00,000 नौजवानों को उत्तर प्रदेश में रोजगार दे दिया गया तो ज़रा योगी जी ये भी बताए कि कितने लाख नौजवान उत्तर प्रदेश में बेरोजगार हैं
पुलिस भर्ती में डेढ़ से 2,00,000 पद आए सिपाही की भर्ती क्योंकि राज्य को जब नियंत्रित करना होता है तो सिपाही की जरूरत तो होती है, लेकिन चिकित्सक डॉक्टर के कितने पद आए पुलिस भर्ती में आपने पुलिस भर्ती की लेकिन उसके कितने पद खाली हैं और उसके बाद शिक्षा विभाग में तो इतने पद खाली थे की आप इस स्कूल ही बंद करने लगे
अब न शिक्षक भर्ती निकलेगी अब ना आंगनबाड़ी होगी ना रसोईयों, भर्तियों क्योंकि सर प्लस हो जाएंगे, जब स्कूल ही बंद हो जाएगा तो ये लोग कहाँ से भर्ती पाएंगे लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कांवड़ यात्रा की तारीफ करते हुए नहीं था के कांवड़ यात्रा चल रही है
समाज का सबसे यानी श्रमिकों वर्ग से लेकर के उच्च वर्ग तक हर व्यक्ति अभियान के साथ जुड़ावा एकता का अद्भुत संगम कोई भेदभाव नहीं, ना जाति का भेद है, ना क्षेत्र का भेद है, ना वर्ग का भेद है।
फिर उसी प्रकार से उसी भक्तिभाव के साथ चलते इस देश को इस बात को पहचान लेना चाहिए कि जीस देश में उत्पाद धरम से जोड़ दिया जाए उस देश में और क्या होगा सबसे पहले उन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान सुनिए जब वो मुहर्रम को याद करते हुए कह रहे थे कि हमने प्रदेश में हथियार लहराते हुए कोई भी प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी
उत्तर प्रदेश में तो हम लोगों ने व्यवस्था भी बनाई है की अस्त्र शस्त्र से आप प्रदर्शन नहीं करेंगे नहीं तो मुहर्रम का हर जुलूस, उत्पाद का आगजनी का तोड़फोड़ का कारण बनता था बहन, बेटियां सड़कों पर नहीं निकल पाती
जाने कितने वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ जी और उनकी पुलिस यह नहीं देख पा रही है उसे ये हिंसा खुलेआम जातिगत मनस्सी फैलातें हुए एक समुदाय दूसरे समुदाय के ऊपर हिंसक हो रहा था
एक भी कार्यवाही ठोस रूप से उस रूप में हुई जिसका दावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ जी मुहर्रम के जुलूस पर टिप्पणी कर रहे हैं और कितनी ओछी टिप्पणी है
मैं इससे क्या कहूं मैं आपको सुनाना चाहता हूँ। आप गौर से सुनिए की अगर हाइटेंशन तार में ताजिया टकरा गया तो यह तो बहुत अच्छा है कि उत्तराखंड पुलिस ने ज्यादा वहा पर किया
पिछले दिनों एक वीडियो भी वायरल हुई थी उत्तराखंड पुलिस कई ऐसे कांवड़ को रोक देती है जिसकी उचाई 10 फिट से ज्यादा होती है और उत्तर प्रदेश सरकार कांवड़ की कोई ऊँचाई अभी तक निर्धारित किया है या नहीं
दूसरे उत्तराखंड पुलिस को बताया है या नहीं, इसका कोई अभी प्रमाण नहीं है मेरे पास आप सोच कर बताएगा का टकराकर भी तो लोग मरेंगे, ताजिया टकरा के भी लोग मरेंगे एक सरकार को दोनों की उचाई बराबर रख दें नीचे की 10 फुट से ऊंची ताजिया नहीं होगी, 10 फिट से ऊंची कांवड़ नहीं होगी
अभी इस वीडियो पर योगी जी क्या बोलेंगे जब उत्तराखंड की सरकार ने कांवड़ रोक दिया लेकिन वो ताजिया पर टिप्पणी करते हुए क्या हास्यास्पद खून हँसी हँस रहे हैं। ज़रा गौर से सुनिए जब वो कह रहे है की ताजिया जब हाईटेंशन तार से टकरा गया और उसके बाद लोग सड़क पर आंदोलन करने लगे
पुलिस वालों ने पूछा कि क्या किया जाए तो योगी जी कहे की अरे इनको क्या करो, सुनिए जौनपुर में जबरदस्ती उन्होंने बड़ा ताजिया उठाया और हुआ क्या वो हाईटेंशन की चपेट में आया तीन लोग मर गए बाद में उन्होंने रास्ता जाम किया तो पुलिस ने कहा क्या करें मैंने कहा लाठी मारकर के बाहर करो इनको,
क्योंकि ये लातों के भूत है, बातों से मानेंगे नहीं ऐसी एक भी बात कांवड़ यात्री जब प्रदर्शन कर रहे हैं तो योगी जी क्यों नहीं बोल पाते कांवड़ यात्रा के तारीफ कर रहे हैं योगी आदित्यनाथ जी आप भी उसी धर्म से आते आप उस धर्म के सबसे बड़े झंडाबरदार भी है आप मठाधीश भी रहे हैं, आप मठ से आए हैं
हालांकि इस देश में लोग आज भी इस बात से आश्चर्यचकित होते हैं कि लोग इस समाज का देश दुनिया का काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार छोड़कर के संन्यास लेते है आपने उल्टा चक्र घूमा दिया, सन्यास से आ गए इस देश की दुनिया दारी में और उसके बाद आपको मुहर्रम के जुलूस की इंसान नजर आईं कांवड़ के इंसान क्यों नहीं नजर आई
कांवड़ यात्रियों के शिकार सारे हिंदू हैं, चाहे वो ढाबे मालिक हो, चाहे वो स्कूल बस के लोग चाहे स्कूटी से उतारकर पीटी जाती महिलाएं हो चाहे सड़क पर गाड़ियों को बेरहमी से पीटा जा रहा हो, तोड़ा जा रहा हूँ ये सारे उत्पाद के दृश्य अधिकांश तो हिंदुओं के ही मिलेंगे
क्या ये इंसानी योगी जी इस पर आपने कोई टिप्पणी नहीं की आपने बेशक की तारीफ करते हुए कहा कि हर तबके के लोग, हर तरह के लोग एक साथ कांवड़ यात्रा में जा रहे हैं मूल धर्म यही तो सीखाता है सवाल इस बात का है कि कांवड़ यात्रा पर उत्पाद जो हो रहा है वो अगर आपको नहीं दिखे तो आप दर्शन मुख्यमंत्री हैं लॉ इन ऑर्डर आपके जिम्मेदारी है और आप कांवड़ यात्रा को लेकर बहुत सकारात्मक रहते भी रहे
एक नेता के तौर पर आप की राय अलग हो सकती है लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर तो आपकी जिम्मेदारी है कि जितना अच्छे ढंग से कोई भी धार्मिक कृत्य होना चाहिए, लेकिन आपने इन चीजों की इतनी तारीफ की, लेकिन आपने ये क्यों नहीं कहा की सब ये अगर कांवड़ यात्रा में चल रहे हैं तो लोग पूछ रहे हैं? की मंत्रिमंडल के आपके लोग, आपके बच्चे, मंत्रियों के सांसद, विधायक हालांकि कुछ लोग जाते भी होंगे, वो उसमें नहीं है
अगर कमजोर, मजलूम, पीड़ित, दुखी, बेरोजगार नौजवानों की भीड़ 99 फीसदी होगी, अगर आंकड़ा आपके पास हो तो मुझे गलत साबित करिए गा क्योंकि मेरा मानना ये है की उत्तर प्रदेश में वेकैंसी नहीं आ रही है, इसलिए मैं धार्मिक कृत्य पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहा हूँ
लेकिन मैं कह रहा हूँ कि मुख्यमंत्री धार्मिक यात्रा की हिंसा को नजरंदाज करते हुए युवाओं को उस तरफ प्रेरित करने वाले भाषण दे और आप के कार्यकाल में फेहरिस्त बताई जाए
Also Read ….
-
ट्रम्प ने इजराइल का साथ छोडा ईरान के पीछे रूस और चीन खड़ा है
-
ईरान से डर कर भाग खड़े हुए डोनाल्ड ट्रम्प
-
ईरानी मिसाइलों की कहर से डरकर अमरिका ने अपना जहाजी बेड़ा हटाया
-
ईरान पर हाथ डालने में अमेरिका की फट रही है उनका कलेजा काँप रहा है
-
अगर अमेरिका पीछे नहीं होता तो अब तक मिट जाता इजराइल
-
इजराइल बर्बाद हो रहा है खामेनेई की जान खतरे में
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






Leave a Reply