अमेरिकी टैरिफ़ कर रहा है लाखों बेरोज़गार, सूरत और कानपुर में फ़ैक्टरियों में लगे ताले नौकरी से निकला जा रहा है
अमेरिकी टैरिफ़ कर रहा है लाखों बेरोज़गार, सूरत और कानपुर में फ़ैक्टरियों में लगे ताले नौकरी से निकला जा रहा है
अमेरिकी टैरिफ़ कर रहा है लाखों बेरोज़गार, सूरत और कानपुर में फ़ैक्टरियों में लगे ताले नौकरी से निकला जा रहा है
भारत पर जो टैरिफ अमेरिका ने लगाया है 50% का उसका असर जमीन पर देखने को मिलने लगा है। अभी टैरिफ लगे सिर्फ दो ही दिन हुए हैं, लेकिन। लाखों लोगों की नौकरियों पर संकट आ गया है हजारों लोगों को नौकरियों से निकाल दिया गया है
फैक्ट्रियां बंद होने लगी है इस पूरी रिपोर्ट में हम आपको डिटेल में बताएंगे कि किस तरीके से कितना खराब असर इस टैरिफ का जमीन पर पड़ रहा है ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव की रिपोर्ट के मुताबिक ये नया टैरिफ भारत के लगभग 5.4,00,000 करोड़ के एक्सपोर्ट को प्रभावित कर रहा है 50% टैरिफ से अमेरिका में बिकने वाले कपड़े जेम्स जूलरी यानी गहने, फर्नीचर, सी फूड और चमड़े जैसे भारतीय प्रोडक्ट्स अमेरिका में महंगे हो जाएंगे और अमेरिका में मांग में 70% की कमी आ गई
जब 70% की कमी आ जाएगी तो फिर यहाँ तो इम्पैक्ट हो गई फैक्ट्रियां बंद होगी मान लेते हैं कि यहाँ से एक अंगूठी जाती है डायमंड की जो अब तक अमेरिकियों को $100 में मिल रही थी लेकिन अब यह 50% टैरिफ लगने के बाद वही अंगूठी जो $100 में मिल रही थी, अमेरिकियों को वो $150 की मिले गी तो फिर वो नहीं खरीदेंगे क्योंकि उन्हें कहीं और से सस्ती मिल जाएगी तो जो भारत से सामान अमेरिका में जाता तो वो इतना महंगा हो जाएगा कि लोग खरीदेंगे नहीं
जब लोग खरीदेंगे नहीं तो हमारे भारत के सामान का की मांग कम हो जाएगी जब मांग कम हो जाएगी तो यहाँ फैक्ट्रियां बंद होगी लोगों को नौकरियों से निकाले ने निकाला जाएगा अब फैक्ट्रियां बंद हो रही है प्रोडक्शन कम किया गया है, लोगों को नौकरियों से निकाला जा रहा है सबसे ज्यादा असर गुजरात के सूरत में देखने को मिल रहा है क्योंकि विश्व की सबसे बड़ी डायमन्ड इंडस्ट्री यही है
अमेरिका में जाने वाले गहने, हीरे यहीं से आते हीरे का अमेरिका से करीब 4.10 बिलियन का एक्सपोर्ट का धंधा है अब इस मंडी पर तलवार चल गई इस इंडस्ट्री में सिर्फ सूरत में 25,00,000 से ज्यादा लोग काम करते हैं डायमन्ड इंडस्ट्री में 25,00,000 से ज्यादा लोग सूरत में काम करते हैं जिसमें 1,00,000 लोगों की नौकरियां तो टैरिफ लगते ही चली गयी
व्यापारी बेहद परेशान हैं कारीगर घबराया हुआ है और यह बात हम नहीं कह रहे हैं सूरत डायमंड वर्कर संघ के उपाध्यक्ष भावेश ने यह बात बताई है जो की चौंका देने वाली है वो कह रहे हैं, 1,00,000 लोगों की नौकरियां चली गयी है और 5,00,000 लोगों की नौकरियां और जा सकती है
आने वाले समय में ये भी कह रहे हैं कि कारीगर आत्महत्या कर सकते हैं क्योंकि नौकरी चली गई बच्चों की फीस है है, घर कैसे चलेगा हर चीज़ महंगी होती जा रही है यह जमीन पर इम्पैक्ट है सुनिए भावेश क्या कह रहे है मेरा नाम है भावेश का डायमंड वर्कर यूनियन राज़ प्रेज़िडन्ट अमेरिका ने तो टैरिफ लगाया अगर हम उसकी बात करें तो ये मानवता के खिलाफ़ एक किसी भी देश पर आज तक भारत में इतना बड़ा टैक्स नहीं लगाया तो ये मेरे को ये लगता है कि यह अंतरराष्ट्रीय साजिश हो सकती है
हमारे डायमंड इंडस्ट्री को खत्म करने के लिए अमेरिका के 740 हमारा एक्सपोर्ट है। स्पोर्ट कम हो जाएगा तो यह प्रोडक्शन कम होगा और प्रोडक्शन कम होने के कारण हमारा जो वर्कर्स हैं उनका काम भी कम होगा तो बेरोजगारी का भी घर है 1,00,000 से ज्यादा लोग बेरोजगार को चुकें हैं
रहने वाले दिनों में इस पर पूरे गुजरात की हम बात करें तो 25,00,000 वर्कर काम कर रहे हैं। 5,00,000 से ज्यादा वर्कर कोई इसको इफ़ेक्ट होगी? तो ये जो थे रित है। ये निर्णय अमेरिका ने जो किया है वो मानवता के खिलाफ़। अब अगर बेरोजगारी ज्यादा बढ़ेगी तो आत्महत्या भी बढ़ेगी तो सरकार से मेरी यही गुजारिश है
इसमें कोई न कोई निर्णय लिया जाए और दूसरे कंट्री में मारपीट को ओपन किया जाए। जीस तरह से हम 26 देशों में एक्सपोर्ट करते हैं तो दुनिया के 200 से ज्यादा देश है तो दूसरी कंट्री में जो हमारा डायमंड ज्वेलरी है। हमारी स्कीम है उसको मार्केटिंग दिया जाए और डायमंड हिंदुस्तान को बचाया जाए
गुजरात सरकार और केंद्र सरकार दोनों मिलकर हमारे डायमन्ड इंडस्ट्री की डायमन्ड वर्कर को मदद करने के लिए आगे आना होगा और अच्छी पॉलिसी बनानी होगी। अगर डायमंड इंटरेस्ट रेट में आर्थिक तौर पर हम बात करें तो गुजरात का आर्थिक उपयोग है और गुजरात की आर्थिक व्यवस्था अगर डायमंड इंडस्ट्री में कोई प्रॉब्लम आई तो आर्थिक व्यवस्था डगमगा जाएगी
इसमें कोई संकट? कई क्योंकि दो 25,00,000 वर्कर्स उसमें रोजगार दे रहे हैं। भावनगर हो, अमरेली हो, राजकोट हो या जूनागढ़ हो या अहमदाबाद हो, बोटा दो गाड़ियां दो। इन सारे सेक्टरों में छोटी से बड़ी मात्रा में डायमंड है। दूसरी चल रही है तो गुप सरकार से ही गुजारिश है कि इसमें ने गो से किया जाए और दूसरे कंट्री को मार्केट डेवलप किया आपने भावेश को सुना, टीवी
चैनल से बताया जा रहा है कि अमेरिका को हम अंगूठा दिखा देंगे, अमेरिका को हम सबक सीखा देंगे अमेरिका से एक मार्केट बंद हो जाएगा तो 10 जगह भेज देंगे। अरे सबसे ज्यादा डाइमंड अमेरिका भारत से खरीदता है सबसे बड़ा एक्सपोर्ट करने जो डाइमंड हैं वो भारत भेजता है तो कितना आप रिकवरी करवा पाएंगे
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